नई दिल्ली: भीषण गर्मी और नौतपा की तपिश से जूझ रहे भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक खतरनाक करवट ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में आई तीव्र आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट लाकर लोगों को लू से राहत दी, वहीं दूसरी ओर इस प्राकृतिक आपदा ने भयंकर तबाही मचाई है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड में चक्रवाती हवाओं, बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि अलग-अलग हादसों में कई लोगों के असमय काल कवलित होने की दुखद खबर है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड और हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
इस मौसमी बदलाव का सबसे विनाशकारी असर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में देखा गया। बंगाल की राजधानी कोलकाता में दोपहर ढलते ही आसमान में घना अंधेरा छा गया और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने मेट्रो, उपनगरीय ट्रेनों और हवाई उड़ानों को करीब एक घंटे तक बाधित रखा। करंट लगने और पेड़ गिरने से वहां व्यापक नुकसान हुआ। उधर, उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक कच्चे मकान पर विशाल पेड़ गिरने से मलबे में दबकर मां-बेटे सहित तीन की मौत हो गई, जबकि जालौन, हमीरपुर और सहारनपुर के प्रसिद्ध मां शाकुम्बरी देवी शक्तिपीठ क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और आंधी के कारण कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों बिजली के पोल धराशायी हो गए। बिहार की राजधानी पटना और राजस्थान के अलवर में भी मूसलाधार बारिश के बाद युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाकर सड़कों को साफ किया गया। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि जून महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में औसत वर्षा सामान्य से कम (करीब 92 प्रतिशत) रह सकती है, जिससे आने वाले दिनों में कृषि और जल संकट की चुनौतियां बढ़ सकती हैं।